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    हस्तकला या शिल्पकला

    कला और शिल्प केन्द्रीय विद्यालय एर्नाकुलम के पाठ्यक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों में एक आवश्यक भूमिका निभाते हैं, जो छात्रों को रचनात्मक अभिव्यक्ति, कौशल विकास और सौंदर्य प्रशंसा के अवसर प्रदान करते हैं। यहाँ बताया गया है कि कला और शिल्प को आम तौर पर स्कूल की गतिविधियों में कैसे एकीकृत किया जाता है:

    पाठ्यचर्या गतिविधियाँ:

    कला कक्षाएँ: छात्र नियमित कला कक्षाओं में भाग लेते हैं जहाँ वे ड्राइंग, पेंटिंग (वॉटरकलर, ऐक्रेलिक, तेल), स्केचिंग और मिश्रित मीडिया जैसी विभिन्न तकनीकें सीखते हैं।

    पाठ्येतर गतिविधियाँ:

    कला प्रतियोगिताएँ: केन्द्रीय विद्यालय एर्नाकुलम विभिन्न स्तरों (अंतर-विद्यालय, अंतर-विद्यालय, जिला) पर कला प्रतियोगिताएँ आयोजित करता है जहाँ छात्र विशिष्ट थीम या विषयों के आधार पर अपने कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हैं।

    शिल्प कार्यशालाएँ: छात्रों को उन्नत शिल्प तकनीक या विशिष्ट कला रूप सिखाने के लिए कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं। इन कार्यशालाओं को आने वाले कलाकारों या शिल्प विशेषज्ञों द्वारा सुगम बनाया जा सकता है।

    प्रदर्शनियाँ और प्रदर्शन: स्कूल छात्रों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों और शिल्प को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनियाँ आयोजित करता है। ये कार्यक्रम छात्रों को स्कूल समुदाय और आगंतुकों के साथ अपनी रचनात्मकता साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।